ऐसा करके वे माता से शांति की प्रार्थना कर सकते हैं. सामग्री तैयार करें: मिट्टी का पात्र (जिसमें जौ उगाने के लिए मिट्टी भरी हो) पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें। यह समय साधक को आध्यात्मिक शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करता है। काली : ऊँ https://www.youtube.com/shorts/P9CxWE850yI
Not Known Facts About Aacharya Ji ka siddhant:
Internet - 3 hours ago ingmari329hov6Web Directory Categories
Web Directory Search
New Site Listings